सोमवार, 15 जुलाई 2013

RSS ka sach

वन्दे  मातरम मित्रों आज मैं आपको RSS की हकीकत बताने जा रहा हूँ जो कि भारतियों को पता होनी जरूरी है- 1925 में  केशव बलिराम हेडगेवार ने इस संगठन की स्थापना थी ! आर एस एस का पूरा नाम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ है ये उन लोगो का संघठन  है जो आत्मनिर्भर हो , स्वयंसेवक का इंग्लिश में मतलब होता है volunteer ... मतलब साफ़ है की ये उन लोगो का संगठन है जो खुद की मदद स्वयं कर सके , इसका मुख्य उद्देश्य था हिन्दुओं को एक करना क्यूंकि उस समय भारत गुलाम था और अंग्रेजों ने भारत को जात और धर्म के नाम पर तोड़ रखा था यही समय था जब सब को एक करना था तो शुरुवात की गयी कि हिन्दुओं को एक किया जाये क्यूंकि उस समय हिंदुस्तान में उंच नीच का बहुत भेद था

मोहनदास करम चंद गाँधी ने भी जब RSS  को देखा तो कहा था  "When I visited the RSS Camp, I was very much surprised by your discipline and absence of untouchablity ." 
उन्होंने देखा की वहां पर नीची जात और ऊँची जात जैसा कोई भेदभाव नहीं था वहां सब साथ में रह रहे थे और साथ में खाना खा रहे थे बिना किसी की जात पूछे। यही शुरुवात थी हिन्दुओं को एक करने की ।

भीम राव आंबेडकर भी इस घटना से आश्चर्य चकित थे की हिन्दू  एक साथ थे वो भी बिना उंच नीच का फर्क समझे क्यूंकि उन्होंने भी ब्राह्मण हरिजन को साथ भोजन करते देखा .... यहीं से अंग्रेजों के प्लान पर पानी फिरना शुरू हो गया था क्यूंकि हिन्दू एक हो रहा था और अंग्रेजों की फुट डालो राज करो की नीती खतरे में थी। 
महात्मा गाँधी और आंबेडकर दोनों हरिजन जाती को सम्मान दिलाने की बात करते थे लेकिन उन्होंने कभी किया नहीं ये सबसे पहले RSS  ने करके दिखाया और हिन्दू को अंग्रेजों के अत्याचार से मुकाबले के लिए तैयार किया दूसरा उद्देश्य था वासुदेव कुटुंबकम की सभी साथ मिलकर रहें अंग्रेजों की फुट डालो राज करो की नीति को समझें .....पाकिस्तानी  अखबार " THE DOWN " ने 1947 में आज़ादी के बाद कहा था कि " अगर RSS  की स्थापना 10 साल बाद होती तो आज पाकिस्तान दुगुना बड़ा होता और अगर 10  साल पहले होती तो आज पकिस्तान ही न बन पाता

अब बात की जाये की RSS   के वर्त्तमान की तो आज भी आरएसएस हिन्दुओं को एक होने की बात करता है ये बात अलग है की कई मुस्लिम भी आरएसएस स्कूल में पढ़ते हैं क्यूंकि हिन्दू कोई धर्म नहीं कर्म है , जो व्यक्ति हिंदुस्तान के लिए कुछ करने की इच्छा रखे वो हिन्दू है । आज भी ये संगठन सिर्फ इसी काम में लगा है की सारा देश एक होकर रहे वसुधैव कुटुम्बकम , अब बात की जाती है कि आरएसएस सिर्फ हिन्दुओ के बारे में बात करते हैं या मुस्लिमों के खिलाफ है तो मैं ये बात साफ़ कर दूँ कि  इस संगठन ने कभी मुस्लिमों का बुरा नहीं किया ये सिर्फ कांग्रेस की चाल है की हिन्दुओं को एक न होने दिया  जाए भारत के लोग हमेशा से ही भावुक रहे हैं और दूसरों के प्रति दया रखते हैं तो उन्होंने मुस्लिमों के प्रति हिन्दुओं को  बनाया और RSS  को मुस्लिम विरोधी बताया

अब आपके मन में सवाल आ रहा  कि अगर आरएसएस मुस्लिमों का बुरा नहीं सोचता तो उन्होंने बाबरी मस्जिद क्यूँ तोड़ी ?? तो जवाब साफ़ है बाबर एक आक्रमणकारी  था जिसने सारे मंदिर तुडवा कर मस्जिदें बनवा दी थी तो अगर ऐसे आक्रमण कारी की बनायीं मस्जिद तोड़ कर पुराना मंदिर बनवाना  चाहा तो क्या गलत चाहा वो तो देश हित में ही काम कर रहे थे ... अगर आप के घर को कोई तोड़ दे और वहां कोई अपना घर बना ले तो आप क्या करेंगे ?? या तो नपुंसक की तरह बैठ जायेंगे या फिर उसे वापस पाने के लिए लड़ेंगे
हमारी सरकार RSS  को हिंदूवादी बताती है और दूसरी तरफ खुद कश्मीर को हिन्दू मुक्त बनवा रही है वहां से हिन्दुओं को मार मार के भगाया जा रहा है पश्चिम बंगाल में सरकार ने साफ़ कर दिया की वहां की सार्वजनिक वस्तुओं पर सबसे पहला हक़ मुस्लिमों और ईसाईयों का है बाद में हिन्दुओं का तो इस तरह तो कांग्रेस भी जाती वाद का खेल खेल रही है वो मुस्लिम सभा में  फायदा पहुँचाने की बात करती है और हिन्दुओं को आपस में तोड़ कर SC  ST OBC में तोड़ कर सभाएं करती नजर आती है 
अगर RSS  हिन्दू  एकता की बात करता है तो कांग्रेस हिन्दुओं  को तोड़ने का काम करती है तो अगर गहराई समझी जाए तो गलत तो कांग्रेस है RSS  नहीं
कांग्रेस ने देश को हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई करके तोडा मतलब भारत  के 4 टुकड़े  कर दिए फिर सबसे बड़े धर्म को आपस में SC ST OBC GEN में तोड़ दिया इस देश पर राज करने के लिए उन्हें ये ज्ञान अंग्रेजों से मिला और उन्होंने इसका पूर्ण उपयोग किया तो बात साफ़ है RSS  को बुरा बताने का काम सिर्फ कांग्रेस का है क्यूंकि RSS कांग्रेस को देश को गुलाम बनाये रखने में बाधा डाल रहा है
तो अपने दिमाग का उपयोग करो और सब एक हो जाओ ताकि ये देश गुलामी  की जंजीर तोड़ दे और आज़ादी का जश्न मनाये यहाँ बात सिर्फ हिन्दुओं की नहीं है जो इस देश का नागरिक है वो सब इस देश का हिस्सा है चाहे वो हिन्दू  हो या मुस्लिम सभी को इस फूट डालो राज करो की नीति को समझना होगा और आपस  में मिल कर ही काम करना होगा RSS हिन्दुओं को एक कर रहा है तो हो जाओ ना क्यूँ  एकता का विरोध कर रहे हो बचपन में लकड़ी तोड़ने वाली कहानी नहीं सुनी क्या ?? या आपस में लड़ने में ज्यादा मजा आत्ता है ?? एक साथ रहोगे तो कोई नहीं तोड़ पायेगा वरना कोई भी लूटेगा और चला जायेगा l 
वर्तमान  में सोनिया गन्दी ने इटली को विकास दिया है भारत को बर्बादी जो जग जाहिर है ये बात अमेरिका बोल रहा है और भारत के लोग अब भी इसे समझना नहीं चाह रहे हैं , उन भारतियों की रगों में गुलामी बसी हुई है जो इस सरकार को अब भी सपोर्ट कर रहे हैं ..... समय रहते जाग जाओ वरना सोचने का समय भी नहीं बचेगा …. 
जय  हिन्द !! जय भारत !! वन्दे मातरम !!


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