वन्दे मातरम मित्रों आज मैं आपको RSS की हकीकत बताने जा रहा हूँ जो कि भारतियों को पता होनी जरूरी है- 1925 में केशव बलिराम हेडगेवार ने इस संगठन की स्थापना थी ! आर एस एस का पूरा नाम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ है । ये उन लोगो का संघठन है जो आत्मनिर्भर हो , स्वयंसेवक का इंग्लिश में मतलब होता है volunteer ... मतलब साफ़ है की ये उन लोगो का संगठन है जो खुद की मदद स्वयं कर सके , इसका मुख्य उद्देश्य था हिन्दुओं को एक करना क्यूंकि उस समय भारत गुलाम था और अंग्रेजों ने भारत को जात और धर्म के नाम पर तोड़ रखा था यही समय था जब सब को एक करना था तो शुरुवात की गयी कि हिन्दुओं को एक किया जाये क्यूंकि उस समय हिंदुस्तान में उंच नीच का बहुत भेद था।
उन्होंने देखा की वहां पर नीची जात और ऊँची जात जैसा कोई भेदभाव नहीं था वहां सब साथ में रह रहे थे और साथ में खाना खा रहे थे बिना किसी की जात पूछे। यही शुरुवात थी हिन्दुओं को एक करने की ।
भीम राव आंबेडकर भी इस घटना से आश्चर्य चकित थे की हिन्दू एक साथ थे वो भी बिना उंच नीच का फर्क समझे क्यूंकि उन्होंने भी ब्राह्मण हरिजन को साथ भोजन करते देखा .... यहीं से अंग्रेजों के प्लान पर पानी फिरना शुरू हो गया था क्यूंकि हिन्दू एक हो रहा था और अंग्रेजों की फुट डालो राज करो की नीती खतरे में थी।
महात्मा गाँधी और आंबेडकर दोनों हरिजन जाती को सम्मान दिलाने की बात करते थे लेकिन उन्होंने कभी किया नहीं ये सबसे पहले RSS ने करके दिखाया और हिन्दू को अंग्रेजों के अत्याचार से मुकाबले के लिए तैयार किया दूसरा उद्देश्य था वासुदेव कुटुंबकम की सभी साथ मिलकर रहें अंग्रेजों की फुट डालो राज करो की नीति को समझें .....पाकिस्तानी अखबार " THE DOWN " ने 1947 में आज़ादी के बाद कहा था कि " अगर RSS की स्थापना 10 साल बाद होती तो आज पाकिस्तान दुगुना बड़ा होता और अगर 10 साल पहले होती तो आज पकिस्तान ही न बन पाता ।
अब बात की जाये की RSS के वर्त्तमान की तो आज भी आरएसएस हिन्दुओं को एक होने की बात करता है ये बात अलग है की कई मुस्लिम भी आरएसएस स्कूल में पढ़ते हैं क्यूंकि हिन्दू कोई धर्म नहीं कर्म है , जो व्यक्ति हिंदुस्तान के लिए कुछ करने की इच्छा रखे वो हिन्दू है ।। आज भी ये संगठन सिर्फ इसी काम में लगा है की सारा देश एक होकर रहे वसुधैव कुटुम्बकम , अब बात की जाती है कि आरएसएस सिर्फ हिन्दुओ के बारे में बात करते हैं या मुस्लिमों के खिलाफ है तो मैं ये बात साफ़ कर दूँ कि इस संगठन ने कभी मुस्लिमों का बुरा नहीं किया ये सिर्फ कांग्रेस की चाल है की हिन्दुओं को एक न होने दिया जाए । भारत के लोग हमेशा से ही भावुक रहे हैं और दूसरों के प्रति दया रखते हैं तो उन्होंने मुस्लिमों के प्रति हिन्दुओं को बनाया और RSS को मुस्लिम विरोधी बताया ।
अब आपके मन में सवाल आ रहा कि अगर आरएसएस मुस्लिमों का बुरा नहीं सोचता तो उन्होंने बाबरी मस्जिद क्यूँ तोड़ी ?? तो जवाब साफ़ है बाबर एक आक्रमणकारी था जिसने सारे मंदिर तुडवा कर मस्जिदें बनवा दी थी तो अगर ऐसे आक्रमण कारी की बनायीं मस्जिद तोड़ कर पुराना मंदिर बनवाना चाहा तो क्या गलत चाहा वो तो देश हित में ही काम कर रहे थे ... अगर आप के घर को कोई तोड़ दे और वहां कोई अपना घर बना ले तो आप क्या करेंगे ?? या तो नपुंसक की तरह बैठ जायेंगे या फिर उसे वापस पाने के लिए लड़ेंगे
हमारी सरकार RSS को हिंदूवादी बताती है और दूसरी तरफ खुद कश्मीर को हिन्दू मुक्त बनवा रही है वहां से हिन्दुओं को मार मार के भगाया जा रहा है । पश्चिम बंगाल में सरकार ने साफ़ कर दिया की वहां की सार्वजनिक वस्तुओं पर सबसे पहला हक़ मुस्लिमों और ईसाईयों का है बाद में हिन्दुओं का तो इस तरह तो कांग्रेस भी जाती वाद का खेल खेल रही है वो मुस्लिम सभा में फायदा पहुँचाने की बात करती है और हिन्दुओं को आपस में तोड़ कर SC ST OBC में तोड़ कर सभाएं करती नजर आती है
अगर RSS हिन्दू एकता की बात करता है तो कांग्रेस हिन्दुओं को तोड़ने का काम करती है तो अगर गहराई समझी जाए तो गलत तो कांग्रेस है RSS नहीं ।
कांग्रेस ने देश को हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई करके तोडा मतलब भारत के 4 टुकड़े कर दिए फिर सबसे बड़े धर्म को आपस में SC ST OBC GEN में तोड़ दिया इस देश पर राज करने के लिए उन्हें ये ज्ञान अंग्रेजों से मिला और उन्होंने इसका पूर्ण उपयोग किया तो बात साफ़ है RSS को बुरा बताने का काम सिर्फ कांग्रेस का है क्यूंकि RSS कांग्रेस को देश को गुलाम बनाये रखने में बाधा डाल रहा है।
तो अपने दिमाग का उपयोग करो और सब एक हो जाओ ताकि ये देश गुलामी की जंजीर तोड़ दे और आज़ादी का जश्न मनाये यहाँ बात सिर्फ हिन्दुओं की नहीं है जो इस देश का नागरिक है वो सब इस देश का हिस्सा है चाहे वो हिन्दू हो या मुस्लिम सभी को इस फूट डालो राज करो की नीति को समझना होगा और आपस में मिल कर ही काम करना होगा । RSS हिन्दुओं को एक कर रहा है तो हो जाओ ना क्यूँ एकता का विरोध कर रहे हो बचपन में लकड़ी तोड़ने वाली कहानी नहीं सुनी क्या ?? या आपस में लड़ने में ज्यादा मजा आत्ता है ?? एक साथ रहोगे तो कोई नहीं तोड़ पायेगा वरना कोई भी लूटेगा और चला जायेगा l
वर्तमान में सोनिया गन्दी ने इटली को विकास दिया है भारत को बर्बादी जो जग जाहिर है ये बात अमेरिका बोल रहा है और भारत के लोग अब भी इसे समझना नहीं चाह रहे हैं , उन भारतियों की रगों में गुलामी बसी हुई है जो इस सरकार को अब भी सपोर्ट कर रहे हैं ..... समय रहते जाग जाओ वरना सोचने का समय भी नहीं बचेगा ….
जय हिन्द !! जय भारत !! वन्दे मातरम !!
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