मानसिक गुलाम करती मीडिया और कांग्रेस :-
इस देश में एक प्रॉब्लम है कि इस देश कि जनता किसी पर भी यकीं बड़ी आसानी
से करती हैं बस उस इंसान को अपने आप को ईमानदार बोलने कि जरुरत है ,,
उदाहरण के लिए अंग्रेज आये और कहा कि "हम इंग्लेंड के हैं हम भारत में
ईमानदारी से रहेंगे बस यहाँ थोडा व्यापार करना चाहते है " अंग्रेज आये तो
हमें ये लगा कि ये तो व्यापर करने देश में आये हैं ये हमारा बुरा नहीं
करेंगे ये तो गोरे और ईमानदार हैं,,,,,,, उसके बाद आज़ाद हुए तो पता लगा कि
राज करने अब कोंग्रेस आयी है ,ऐसा भी लगा कि कांग्रेस आयी है इसीलिए आजादी
मिली है अब कांग्रेस हमारा भला करेंगी और नेहरू जैसे नेता देश हित में
काम करेंगे लेकिन हुआ क्या न तो अंग्रेजों ने देश का कभी भला किया न
कांग्रेस और नेहरू परिवार ने इन्होने तो अंग्रेजों से भी बुरा हाल कर दिया
देश का । . यहाँ हर बार भारतियों का भरोसा टूटा लेकिन भारतियों को मानसिक
गुलामी कि आदत है आज भी उसी राह पर है कोई नया दिखे उस पर भरोसा कर लो चाहे
वो कैसा भी हो बस खुद को ईमानदार बोलने वाला होना चाहिए , पर जिसने सच में
देश में कोई काम किये हो या ऐसा इंसान जिसने अपने कर्म से अपनी पहचान
बनायीं है उसे नजरअंदाज किया है देश कि जनता ने। देश कि जनता को अपने आप
पर नए नए अज़ीब अज़ीब एक्सपेरिमेंट का शौक बड़ा बुरा है चाहे उससे खुद का और
देश का कितना भी नुकसान हो। मीडिया ने तो हमें इतना गुलाम बना रखा है कि
मनो जो न्यूज़ में दिख गया वो पत्थर कि लकीर है
एक उदाहरण देता हु -
मीडिया में निर्मल बाबा रोज आता था तो लोगो को लगा वाह क्या चमत्कारी
बाबा है कितना अच्छा है लोग उसके भक्त भी बने और लाखो लोग उसके पास जाने
लगे फिर जब मीडिया ने दिखाया कि वो बाबा तो ठग निकला तो वही भक्त जनता उसे
गाली दे रही थी। … क्यों भैया ?? पहले अक्ल घास चरने गयी थी क्या ??? या
खुद के पास दिमाग नहीं है जो जैसा लोग कहते हैं वैसा मान लेते हो खुद का
दिमाग लगाया होता तो खुद को ठगा हुआ महसूस नहीं करते।
एक और अच्छा
उदाहरण है एडवर्टिसमेंट्स का उसमे भी देश कि जनता खुद पर एक्सपेरिमेंट करने
से नहीं चुकती। नया शम्पू आया तो उसे लगाएगी चाहे उसमे तेजाब ही भरा हो ,
नयी क्रीम आयेगी तो उसे लगाएगी चाहे उसे लगाने के बाद चेहरे पर फुंसिया हो
जाये। ........
अभी एक नया चल रहा है
अभी मीडिया २ महीने से
केजरीवाल को हीरो बता रही है तो जनता भी आँख बंद कर के केजरीवाल केजरीवाल
कर रही है उसे तो लोग आइडियल भी बोलते हैं , भगवन का सा दर्जा दे रहे हैं
.. उसने अगर दिन को रात कह दिया तो लोग अपने आप पर शक करने लग जाते हैं कि
कही हमें अभी तक गलत तो नहीं पढ़ाया जा रहा क्यूंकि केजरीवाल ने कहा है तो
सच ही कहा होगा .....
परदे के पीछे से पिछले दिनों मीडिया में उसकी असलियत आने लगी तो जनता उसे गाली दे रही है
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लोग जब पहले केजरीवाल कि सच्चाई बताते थे तो केजरीवाल भक्त उन लोगो को
गलियां देते थे और कहते थे कि तुम क्या जानो केजरीवाल क्या है ब्ला ब्ला और
अब इनके नाटक देख कर लोगो कि आँख खुल रही है . वही सवाल फिर से है
मित्रों कि पहले सो रहे थे क्या या आँख पर पट्टी थी
सच्चाई तो ये है
कि मोदी लहर को रोकने के लिए एक पार्टी का उदय हुआ नाम था आम आदमी पार्टी।
अंग्रेजों और कांग्रेस कि पुरानी चाल थी खुद को ईमानदार बताओ और देश कि
जनता को बेवकूफ बनाओ।
केजरीवाल जी का भी यही सीन है देश कि जनता के
सामने वो खुद को ईमानदार कह रहा है जनता से वोट भी यही कह कर मांगे कि मै
ईमानदार हूँ कांग्रेस जैसी भ्रष्ट पार्टी से कोई साथ नहीं लूंगा मै अपने
बच्चो कि कसम खाता हूँ लेकिन बाद में उसी कांग्रेस के साथ सरकार बनायीं
,केजरीवाल ने कहा मैं सत्ता में आया तो अन्ना का बनाया लोकपाल पास
करवाऊंगा लेकिन हुआ क्या फिर से कांग्रेस का बनाया सड़ा हुआ लोकपाल पास हुआ
भाई यही लोकपाल लाना था तो २ साल तक नाटक किस बात का किया आपने केजरीवाल
जी ?? क्यों जनता को सड़को पर लाये ??,
700 लीटर मुफ्त पानी बिना किसी
शर्त के रोज दिल्ली के हर घर को मिलेगा लेकिन हुआ क्या पूरा 700 लीटर पानी
नहीं दिया और रेट भी बढ़ा दी पानी कि और इतनी शर्त रख दी कि आदमी सुबह से
लेकर रात तक पानी का मीटर ही देखता रहे ,
भ्रस्टाचार समाप्त होगा लेकिन कुछ हुआ ?,
जनता को चुनाव से पहले बिल भरने से रोका बाद में उन्ही के बिल न भरने के कारन कनेक्शन कटवा दिए।
जनता से कहा जनता के बीच जनसुनवाई होगी 1 दिन कि बाद बंद कर दी।
शीला दीक्षित के खिलाफ भ्रस्टाचार करने के साबुत है जीतेंगे तो उसे जेल
भिजवाएंगे लेकिन हुआ क्या जीतने के बाद उसी पार्टी के साथ हाथ मिला लिया और
डॉक्टर हर्षवर्धन से साबुत लाने को कहा।
इनकी पार्टी के लोग देश को तोड़ने कि बात करते हैं कहते हैं कश्मीर को पाकिस्तान को देदो ??
इनके लोग जो कल तक आम आदमी थे आज दादागिरी पर उतर आये।
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केजरीवाल ने सत्ता पाने के लिए जनता को हर बार बेवकूफ बनाया इसने अन्ना का
इस्तेमाल किया इसने बाबा रामदेव का इस्तेमाल किया इसने किरण बेदी का
इस्तेमाल किया इस ने देश कि भोली जनता को इस्तेमाल किया और जनता भी अपनी
आदत से मजबूर थी क्यूंकि केजरीवाल जब भी कोई गलती करता तो कहता मैं ईमानदार
हु और जनता एक बार में मान लेती कि हाँ यार ये ईमानदार है (जैसे अंग्रेज
बेवकूफ बनाते थे कांग्रेस बेवकूफ बनाती थी वैसे ही राह पर केजरीवाल भी है )
इन सभी बातों को जोड़ा जाये तो समझ आता है कि केजरीवाल कांग्रेस का ही एक
दूसरा चेहरा है जिसे अलग तरीके से पेश किया गया है अलग छवि के साथ , कुछ हद
तक कांग्रेस ने इसे अपने आप से दूर रख रखा है ताकि आम आदमी पार्टी मोदी के
वोट तोड़ सके और लोकसभा चुनाव में कुछ सीट लाकर कांग्रेस कि झोली भर सके
(मोदी को रोकने का काम सिर्फ केजरीवाल नहीं कर सकता इसलिए एक और डाव बाकि
है )राहुल गांधी ईमानदारी का ढोल लिए जनता के सामने आये लेकिन जनता ने उसे
नकार दिया। राहुल कि असफलता का खामियाजा कांग्रेस भुगत चुकी है लेकिन
कांग्रेस को अभी भी पता है कि जनता के सामने ईमानदारी का ढोल बजाओ तो जनता
खूब नाचती है
ये सिलसिला अभी ख़त्म नहीं हुआ मित्रों अभी एक ईमानदारी का ढोल लेकर आने वाला चेहरा कांग्रेस के पास बाकि है। …।
कंफ्यूज??
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अरे प्रियंका जी को भूल गए क्या मित्रों। । अब कांग्रेस अपनी तरकश में
रखा आखिरी तीर चलाएगी जो ईमानदारी का झंडा लेकर फिर से जनता को बेवकूफ
बनाने आ रही है और जनता फिर से उसी सोच के साथ प्रियंका प्रियंका चिल्लाने
लगेगी। प्रियंका को मैदान में धीरे धीरे करके लाया जा रहा है जल्दी ही
प्रियंका पूर्ण रूप से सामने होगी और राहुल को धीरे से पीछे खिसकाया जायेगा
, इंदिरा गांधी कि जैसी शक्ल होने के कारन जनता उसे प्रेम कि नजर से
देखेगी और राजनीती से इतने समय से दूर रहने के कारन जनता को उसकी इमेज पर
भी कोई दाग नहीं दिखेगा ( ये बात अलग है कि इसके पति रॉबर्ट वाड्रा ने
करोडो का घपला कर रखा है और अभी भी कई जगह माफिया से सम्बंद है , रॉबर्ट
वाड्रा कि किसी भी एअरपोर्ट पर चेकिंग नहीं हो सकती और ये देश में कही भी
बिना चैकिंग के घूम सकता है मनो ये सोनिया का नहीं देश का दामाद है , जहाँ
रॉबर्ट वाड्रा देश में बड़ा भूमाफिया बन कर उभरा है इसके ऊपर कोई कार्यवाही
नहीं हो रही )
तो बात साफ़ है कांग्रेस नया चेहरा लेकर मैदान मे आ रही
है नाम है प्रियंका इससे कांग्रेस को दुगुना फायदा है मोदी को रोकने के लिए
अब कांग्रेस के पास तीन हथियार होंगे एक प्रियंका जो कांग्रेस कि लीडर
बनेगी दूसरा हथियार इनके पास UPA कि पार्टियां जैसे सपा बसपा राजपा बसपा और
न जाने कितनी राज्यीय पार्टिया है और तीसरा (लेकिन अंतिम नहीं ) केजरीवाल
जो कांग्रेस से टूटे मुस्लिम वोट और अपने अंधभक्त समेटने में लगा है
इन
सभी के साथ कांग्रेस मैदान में आ रही है 2014 चुनाव में तो सभी भारतियों
से निवेदन है कि अपनी आँख एवं दिमाग के ताले खोलकर रखें क्यूंकि देश में
क्या चल रहा है ये हमने नहीं समझा तो देश गुलाम ही र्रह जायेगा और कांग्रेस
फिर सत्ता में होगी और हम ५ साल तक कुछ भी नहीं कर पाएंगे
!! वंदे मातरम !!
आभार -
भुवन शर्मा