शुक्रवार, 31 अगस्त 2012

kranti me yuva ko abhar


क्रांति में युवा लोगो का धन्यवाद
क्रांति की लहर इस देश में इस कदर दौड़ रही है कि आज जब मैं  फेसबुक पर ऑनलाइन आया तो मैंने पाया कि सभी युवा इस देश के प्रति अपना समर्पण दिखा रहे है और अभी अपनी पोस्ट  पर भारत माता से जुडी या भ्रस्टाचार से जुडी अपनी पीड़ा को सबके सामने उभार कर व्यक्त कर रहे हैं...
ये इस देश का सौभाग्य है कि हिन्दुस्तान के युवाओ में देशभक्ति कि भावना बढ़ रही है ! ये एक क्रांति कि और इशारा है जो शुरू हो चुकी है और जल्द ही विकराल रूप लेकर इन भर्स्ट लोगो का सफाया कर देगी और इस देश को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाएगी...
मुझे इस फेसबुक का वो दिन भी याद है जब लोग कॉमेडी कि बाते किया करते थे या अपने दोस्तों से अपनी नीजी बाते किया करते थे फिर फेसबुक लड़कियां पटाने का माध्यम बना ! लड़के लड़कियों को पटाने में लगे रहते थे और अपनी stylish फोटो लगाकर इस काम को जोर-शोर से कर रहे थे !  लोगो ने अपने आपको इस काम में व्यस्त कर लिया कि उन्हें देश से कुछ लेना देना ही नहीं रहा  , कहा जाये तो एक आम इंसान फेसबुक को सिर्फ मनोरंजन के लिए ही उपयोग कर रहा था और अपने समय को बर्बाद करने में ही लगा हुआ था
पर आज मै बहुत खुश हूँ और उन सभी युवा लोगो का धन्यवाद करता हु जिन्होंने अपनी निजी जिन्दगी में से समय निकाल कर इस देश को दिया है और आभार करता हूँ उन लोगो का जिन्होंने लोगो को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाई..
अब सभी से बस यही निवेदन है कि इस कार्य को इसी तरह करते रहें जब तक भारत भ्रष्टाचार मुक्त अखंड भारत न बन जाये और देश विकसित राष्ट्रों कि श्रेणी में ना आ जाये !!
जय भारत !! वन्दे मातरम!!

बुधवार, 29 अगस्त 2012

kasab ko fansi ki saja ek chalawa



                         "कसाब को फंसी की सजा एक छलावा "



मुझे नहीं लगता की इस देश की खान ग्रेस सरकार कसाब को फांसी  होने देगी...इन सब मुद्दों को वापस  सामने लाना भी कोई नयी चाल हो सकती है शायद प्रधानमंत्री महोदय पर जो आरोप जो लगे हैं उन पर संसंद में बहस रोकने का ये नया तरीका हो और मनमोहन के इस कारनामे पर से जनता का ध्यान हटाना.....इनमे से कोई भी कारण हो सकता है /
जब सरकार ने इतने दिन तक कसाब को फंसी नहीं होने दी तो सब कैसे होने दे सकती है?? फांसी तो अब भी नहीं होगी और संसद का समय भी इन मुद्दों की चर्चा में बर्बाद कर देंगे और  नतीजा शून्य ही रहेगा....हम संसद के फैसले से खुश जरूर हो सकते हैं पर जब कसाब को फंसी नहीं होगी तो हमें बहुत दुःख होने वाला है...
जय भारत !! वन्दे मातरम !!

मंगलवार, 28 अगस्त 2012

hey bharat ke raam jago

हे भारत के राम जगो ...........मै तुम्हे जगाने आया हूँ और सौ धर्मो का धर्म एक बलिदान बताने आया हूँ !
सुनो हिमालय कैद हुआ है दुश्मन की जंजीरों में आज बतादो कितना पानी है भारत के वीरो में
खड़ी शत्रु की फौज द्वार पर आज तुम्हे ललकार रही सोये सिंह जगो भारत की माता तुम्हे पुकार रही..
रण के बिगुल भेरी बजी -  रण के बिगुल भेरी बजी उठो मोह निंद्रा त्यागो पहला शीष चढाने वाले माँ के वीर पुत्र जागो!
 बलिदानों के वज्रदंड पर देशभक्त की ध्वजा जगे....रण के कंकण पहने है वे राष्ट्रहित की ध्वजा जगे ,अग्निपथ के पंथी जागो शीष हथेली पर रखकर और जागो रक्त के भक्त लाडले और जागो सिर के सौदागर.....
खप्पर वाली काली जागे.....खप्पर वाली काली जागे , जागे दुर्गा बर्बंडा और रक्त बीज का रक्त चाटने वाली जागे चामुंडा नर मुण्डो की माला वाला जगे कपाली कैलाशी और रणचंडी नाचे घर घर मौत कहे प्यासी प्यासी...
रावण का वध स्वयं करूंगा...रावण का वध स्वयं करूंगा कहने वाला राम जगे और कौरव शेष न बचे एक कहने वाला श्याम जगे परशुराम का परशा और रघुनन्दन का बाण जगे और यजुनंदन का चक्र जगे और अर्जुन का धनुष महान जगे,
चोटी वाला चाणक्य जागे  .......पौरुष परश महान जगे सेल्युकस को कसने वाला चन्द्रगुप्त बलवान जगे,
हठी हमीर जगे जिसने झुकना कभी न जाना, जगे पद्मिनी का जौहर, जगे केसरिया बाना... देशभक्त का जीवित झंडा आज़ादी का दीवाना और रण प्रताप का सिंह जगे और हल्दी घटी का राणा,
दक्षिण वाला जगे शिवाजी......खून शाह जी का ताजा मरने की हठ ठाना करते विकट मराठों के राजा छत्रसाल बुंदेला जागे और पंजाबी कृपाण जगे और दो दिन जिया शेर की माफिक वो टीपू सुलतान जगे
कलवोहे का जगे मोर्चा और जगे झाँसी की रानी अहमदशाह जगे लखनऊ का जगे कुंवर सिंह बलिदानी कलवोहे का जगे मोर्चा और पानीपत का मैदान जगे और भगत सिंह फांसी जागे और राजगुरु के प्राण जगे,
जिसकी छोटी सी लकुटी से संगीने भी हार गयी.......बापू ! हिटलर को जीता वो फौजे भी सात समुन्दर पार गयी मानवता का प्राण जगे और भारत का अभिमान जगे उस लकुटी और लंगोटी वाले बापू का बलिदान जगे.....
आज़ादी की दुल्हन को जो सबसे पहले चूम गया.. आज़ादी की दुल्हन को जो सबसे पहले चूम गया स्वयं कफ़न बाँध कर सातों धाम घूम गया उस सुभाष की आन जगे और उस सुभाष की शान जगे ये भारत देश महान जगे ये भारत की संतान जगे.............
झोली ले कर मांग रहा हूँ कोई शीष दान दे दो !भारत का भैरव भूखा है ! कोई प्राण दान दे दो .........खड़ी मृत्यु की दुल्हन कुंवारी कोई ब्याह रचा लो कोई मर्द अपने नाम की चूड़ी पहना दो कौन वीर ह्रदय रक्त से इसकी मांग भरेगा कौन कफ़न का पलंग बनाकर उस पर शयन करेगा !
........औ ......कश्मीर हड़पने वालो कान खोल सुनते जाना भारत के केसर की कीमत तो केवल सिर है और कोहिनूर की कीमत जूते पांच अजर अमर है !!........"

रण के खेतों में छाएगा जब अमर मृत्यु का सन्नाटा लाशो की जब रोटी होगी और बारूदों का आटा सन-सन करते वीर चलेंगे ज्यों बामी से फ़न वाला
जो हमसे टकराएगा वो चूर चूर हो जायेगा इस मिट्टी को छूने वाला मिट्टी में मिल जायेगा......मैं घर घर इंकलाब की आग जलाने आया हूँ !
हे भारत के राम जगो मैं तुम्हे जगाने आया हूँ मैं तुम्हे जगाने आया हूँ !
-आशुतोष राणा